भारत की पावर और एनर्जी इंडस्ट्री में Tata Power ने एक बार फिर दिखा दिया है कि क्यों उसे देश की सबसे मजबूत और भरोसेमंद ऊर्जा कंपनियों में गिना जाता है। EV चार्जिंग, सोलर, विंड, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई सेक्टरों में एक साथ मजबूती दिखाते हुए कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में Tata Power की कुल आय ₹14,485 करोड़ रही, जबकि EBITDA ₹3,913 करोड़ तक पहुँच गया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹1,194 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले भले ही सिर्फ 1% बढ़ा हो, लेकिन ऑपरेशनल लेवल पर ग्रोथ काफी मजबूत रही।

Q3 और 9 महीने के नतीजे: आंकड़ों में दिखी स्थिर और मजबूत ग्रोथ
Tata Power के ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी केवल तिमाही ही नहीं, बल्कि पूरे साल के नजरिए से भी मजबूत स्थिति में है। 9M FY26 में कंपनी का PAT 7% सालाना बढ़कर ₹3,702 करोड़ हो गया, जबकि कुल रेवेन्यू ₹47,719 करोड़ तक पहुँच गया। EBITDA में 12% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹11,874 करोड़ रहा। यह ग्रोथ खासतौर पर रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, न्यू एनर्जी सॉल्यूशंस और कंवेंशनल पावर बिजनेस से आई है। Tata Power का इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, जिसमें जेनरेशन से लेकर कस्टमर तक पूरी वैल्यू चेन शामिल है, इस परफॉर्मेंस की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
नीचे दिए गए टेबल में Tata Power के Q3 FY26 और 9M FY26 के प्रमुख फाइनेंशियल आंकड़े संक्षेप में समझे जा सकते हैं:
| वित्तीय विवरण | Q3 FY26 | 9M FY26 |
| रेवेन्यू | ₹14,485 करोड़ | ₹47,719 करोड़ |
| EBITDA | ₹3,913 करोड़ | ₹11,874 करोड़ |
| PAT | ₹1,194 करोड़ | ₹3,702 करोड़ |
| YoY ग्रोथ (PAT) | 1% | 7% |
रिन्यूएबल एनर्जी और EPC में रिकॉर्ड प्रगति
Tata Power की सबसे बड़ी ताकत उसका रिन्यूएबल पोर्टफोलियो बनकर उभरा है। कंपनी ने 10 GW से ज्यादा की क्यूम्युलेटिव रिन्यूएबल EPC एग्जीक्यूशन का बड़ा माइलस्टोन पार कर लिया है। इस तिमाही में Tata Power Renewable Energy Limited ने SJVN के लिए 1 GW का सोलर प्रोजेक्ट और NHPC के लिए 300 MW का DCR-कंप्लायंट सोलर प्रोजेक्ट कमीशन किया, जिसमें तमिलनाडु के तिरुनेलवेली प्लांट में बने मॉड्यूल्स का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा कंपनी ने अपनी इन-हाउस रिन्यूएबल कैपेसिटी में 357 MW जोड़ा, जिससे कुल यूटिलिटी-स्केल रिन्यूएबल कैपेसिटी 6.1 GW तक पहुँच गई है। इसमें 4.9 GW सोलर और 1.2 GW विंड शामिल है।
कुल मिलाकर Q3 में 919 MW की रिन्यूएबल कैपेसिटी कमीशन की गई, जिसमें 562 MW थर्ड-पार्टी EPC प्रोजेक्ट्स भी शामिल रहे। Tata Power ने 80 MW के फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए PPA साइन कर अपने हाइब्रिड एनर्जी पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है। ट्रांसमिशन सेगमेंट में भी कंपनी ने करीब 2,400 सर्किट किलोमीटर के छह बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया और FY28 तक 7,000 Ckm ऑपरेशनल कैपेसिटी के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
EV चार्जिंग, डिस्कॉम और भविष्य की ग्रोथ रणनीति
EV चार्जिंग के मामले में Tata Power आज देश की सबसे बड़ी प्लेयर्स में से एक बन चुकी है। Q3 FY26 तक कंपनी का पब्लिक EV चार्जिंग नेटवर्क 677 शहरों में 5,743 चार्जर्स तक पहुँच गया है, जबकि 1.93 लाख से ज्यादा होम चार्जर्स इंस्टॉल किए जा चुके हैं। यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में ओडिशा की DISCOMs ने AT&C लॉस में 1.9% की कमी की और पावर मिनिस्ट्री की रेटिंग में A+ और A ग्रेड हासिल किए। दिल्ली डिस्कॉम TPDDL का PAT भी 28% YoY बढ़ा है।
इसके साथ ही Tata Power ने स्मार्ट मीटरिंग, रूरल माइक्रोग्रिड्स, स्किल डेवलपमेंट और ग्रीन इनिशिएटिव्स पर भी फोकस बढ़ाया है। कंपनी का मानना है कि 2026 और उसके बाद पावर डिमांड मैन्युफैक्चरिंग, अर्बनाइजेशन और AI-ड्रिवन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण और बढ़ेगी। ऐसे में सोलर से लेकर EV चार्जिंग तक Tata Power की यह ऑल-राउंड ग्रोथ स्टोरी आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है।
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